सोमवार, 22 जून 2020

क्या है तीनो गुण?

पवित्रा गीता जी अध्याय 14 श्लोक 3 से 5 तक है। ब्रह्म (काल)कह रहा है कि प्रकृति (दुर्गा) तो मेरी पत्नी है, मैं ब्रह्म (काल) इसका पति हूँ। हमदोनों के संयोग से सर्व प्राणियों सहित तीनों गुणों (रजगुण - ब्रह्मा जी, सतगुण - विष्णुजी, तमगुण - शिवजी) की उत्पत्ति हुई है ज्यादा जानकारी के लिए अवश्य सुने रोज शाम 7:30 बजे साधना चैनल पर।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

ऐसी आध्यत्मिक जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहे

भक्ति मर्यादा

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा ।हिन्दु मुसलिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।“