बुधवार, 13 मई 2020

आन-उपासना करना व्यर्थ है

आन-उपासना वह है जो शास्त्रों में वर्णित नही है किसी देव की पत्थर की मूर्ति बनाकर उसकी पूजा करते है जो शास्त्र विरुद्ध है।

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भक्ति मर्यादा

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा ।हिन्दु मुसलिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।“