शुक्रवार, 8 मई 2020

जिव की हत्या करना महापाप है।

एक तरफ तो आप भक्ति करते हो दूसरी तरफ आप बेजुबान निर्दोष जानवरो की हत्या कर उनका मांस खाते हो। सभी जिव परमात्मा की प्यारी आत्मा है,तो फिर मांस खाने से परमात्मा प्राप्ति कैसे हो सकती है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

ऐसी आध्यत्मिक जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहे

भक्ति मर्यादा

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा ।हिन्दु मुसलिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।“